हाइकुहरू
तोमनाथ उप्रेती
१.
मन शीतल राख
क्रोध मौन, धैर्य अडिग
लोकतन्त्र फुल्छ।
२.
मतपत्र हातमा
सचेत कर्मको उत्सव
नयाँ आशा जन्म।
३.
भीडको आवाज
विवेक गहिरो सुनिन्छ
सत्य उजागर।
४.
सन्तुष्टि दीर्घकाल
सेवा र पारदर्शितामा
विश्वास बलियो।
५.
असफलता आए
उठ्ने शक्ति महानता
लोकतन्त्र जीवन।
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